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नोदर दुम्बाद्जे के उपन्‍यास 'आशा की किरण' की पीडीएफ फाइल

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नोदर दुम्बाद्जे के उपन्‍यास 'आशा की किरण' की पीडीएफ फाइल पीडीएफ फाइल डाउनलोड लिंक  डाउनलोड करने में कोई समस्‍या आये तो 8828320322 पर व्‍हाटसएप्‍प संदेश भेजें पुस्‍तक का संक्षिप्‍त परिचय नोदर दुम्बाद्जे की “आशा की किरण” युवावस्था, प्रेम तथा मित्रता के बारे में लिखी गयी पुस्तक है। पाठकों के समक्ष दूरस्थ जॉर्जियाई गांव से आये इस लघु-उपन्यास के पात्रों के पास कहने को बहुत कुछ है। वे उस विपत्ति का कड़वा स्वाद जानते हैं, जो एक बार उनके घर पर ढह पड़ी थी। वे विजय के आनंद का स्वाद भी जानते हैं। और उनके लिए सूरज को देख पाने का सुख सचमुच स्वतंत्र धरती पर स्वतंत्रतापूर्वक सांस लेने का सुख है।  नो. दुम्बाद्जे के प्रमुख पात्र युद्धोत्तर काल के नौजवान हैं। जुरिको तथा सोसो “आशा की किरण” उपन्यास के नायक हैं। उनका पालन-पोषण महान देशभक्तिपूर्ण युद्ध (सन 1941–1945) के काल में हुआ। जुरिकेला गरिया के सर्वाधिक सुन्दर व ज़िन्दादिल गांव गुवाज़ोली में रहता है। वह अपने गांव को प्यार करता है, क्योंकि वहां वह अपनी दादी के साथ रहता है, वहां इलिको, इलारियोन और उसका नन्हा कुत्ता मुरादा भी रहते हैं। रणभूमि स...

इवान तुर्गेनेव के उपन्यास पूर्ववेला की पीडीएफ फाइल PDF File of Ivan Turgenev's Novel - On the Eve

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इवान तुर्गेनेव के उपन्यास पूर्ववेला की पीडीएफ फाइल PDF file of Ivan Turgenev's Novel - On the Eve पीडीएफ फाइल डाउनलोड लिंक  हिन्दी PDF in English डाउनलोड करने में कोई समस्‍या आये तो 8828320322 पर व्‍हाटसएप्‍प संदेश भेजें उपन्यास के बारे में - ‘पूर्ववेला’ (On the Eve) इवान तुर्गनेव का उपन्यास है, जिसकी पृष्ठभूमि 1853 की गर्मियों की है — ठीक क्रीमिया युद्ध से पहले की, जब रूसी समाज असमंजस, ठहराव और परिवर्तन की चाह से भरा हुआ था। कहानी की नायिका येलेना स्ताखोवा एक संवेदनशील और आदर्शवादी युवती है, जो अपने बुर्जआ परिवार की ऊपरी चमक-दमक और नैतिक जड़ता से ऊब चुकी है। अपने आत्ममग्न कलाकार प्रेमी शुबिन और निष्क्रिय परिवार से असंतुष्ट होकर जीवन में किसी गहरे उद्देश्य की तलाश कर रही है। उसी दौरान उसकी मुलाकात इनसारोव से होती है — एक बुल्गारियाई क्रांतिकारी, जो अपने देश को ऑटोमन शासन से मुक्त कराने के लिए समर्पित है। येलेना उसके साहस, निष्ठा और आदर्शवादी दृष्टिकोण से प्रभावित होकर उससे प्रेम करने लगती है। उनका यह प्रेम केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि उस समय के रूस में उठ रही नई चेतना का प्रतीक बन...

ताजिक कहानी संग्रह - “नीले पर्वतों की गोद में” की पीडीएफ फाइल PDF file of Tajik Story collection - “At the Foot of Blue Mountains”

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ताजिक कहानी संग्रह - “नीले पर्वतों की गोद में” की पीडीएफ फाइल PDF file of Tajik Story collection - “At the Foot of Blue Mountains” पीडीएफ फाइल डाउनलोड लिंक  हिन्दी PDF in English डाउनलोड करने में कोई समस्‍या आये तो 8828320322 पर व्‍हाटसएप्‍प संदेश भेजें पुस्‍तक का संक्षिप्‍त परिचय महान अक्तूबर क्रान्ति से पूर्व भौगोलिक नक्शे में ताजिकिस्तान जैसा कोई शब्द नहीं था। यों लोगों को एक अरसे से यह पता था कि पहाड़ों का एक देश है जहां पंजिम और सिरदरिया बहती हैं और जहां के निवासी परिश्रमी ताजिक जाति के लोग हैं। यह वह जाति है जिसने विश्व मानव को प्रसिद्ध कवि, विद्वान दिये हैं, जिनमें रूदाकी, फ़िरदौसी, खय्याम और इब्न सीना जैसे महान व्यक्तियों के नाम लिये जा सकते हैं। ताजिकिस्तान मध्य एशिया के गणतन्त्रों में से एक है जो उसके दक्षिण-पूर्वी भाग में विशाल पर्वत श्रेणियों के संगम पर स्थित है। ताजिकिस्तान सूर्यस्नात व हिमाच्छादित पर्वतों का देश है। इस देश में गहरे और तंग दर्रे हैं जिनमें से होकर विशाल नदियां बहती हैं। ताजिकिस्तान “सफ़ेद सोने” का – कपास का देश है। यहां का प्राकृतिक वातावरण अपने परस्पर...

लेनिन के जन्मदिवस (22 अप्रैल) पर उनकी कुछ यादें

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लेनिन के जन्मदिवस (22 अप्रैल ) पर उनकी कुछ यादें आजकल लोगों की एक बहुत बड़ी तादाद ऐसी है जो कम्युनिस्ट क्रान्तिकारी नेताओं के जीवन और उनके कामों के बारे में वही जानती है जो ' नेशनल ज्योग्राफ़ि‍क ' और ' हिस्ट्री चैनल ' पर या पश्चिम में हर साल थोक भाव से लिखवाई जाने वाली मसालेदार जीवनियों में उसे बताया जाता है। ख़ासकर युवा पीढ़ी पर इन माध्यमों के फैलाये झूठ का बहुत अधिक प्रभाव है। इनमें लेनिन , स्तालिन या माओ को क्रूर , वहशी तानाशाह दिखाने वाली ढेरों फीचर और डॉक्युमेंट्री फिल्में भी हैं और ' द ट्रेन ' जैसी फिल्में भी हैं जो बारीकी से मार करती हैं। ऐसे में इन महान नेताओं के क्रान्तिकारी विचारों को जानने - समझने के साथ ही लोगों को उनके व्यक्तित्व और जीवन से परिचित कराना भी ज़रूरी है। यहाँ प्रस्तुत हैं प्रसिद्ध अमेरिकी पत्रकार अल्बर्ट रीस विलियम्स की किताब ' लेनिन के साथ दस महीने ' के कुछ अंश। रीस विलियम्स उन पाँच अम...