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गाब्रिएल गार्सिया मार्केज की कहानी - ऐसे ही किसी दिन Story - One of These Days / Gabriel Garcia Marquez

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गाब्रिएल गार्सिया मार्केज की कहानी - ऐसे ही किसी दिन अनुवाद – मनोज पटेल आठ बजे के बाद खिड़की से आसमान को देखने के इरादे से , वह थोड़ी देर के लिए रुका और उसने देखा कि दो विचारमग्न बाज बगल के मकान की शहतीर पर धूप ले रहे थे। वह इस खयाल के साथ फिर काम में जुट गया कि दोपहर के खाने के पहले फिर से बारिश होगी। अपने ग्यारह वर्षीय बेटे की तेज आवाज से उसका ध्यान भंग हुआ।उस सोमवार की सुबह , गर्म और बिना बारिश वाली हुई। तड़के जागने वाले औरेलियो एस्कोवार ने , जो दाँतों का बिना डिग्री वाला डाक्टर था , अपना क्लीनिक छह बजे ही खोल दिया। उसने शीशे की आलमारी से नकली दाँत निकाले , जो अब भी खड़िया-मिट्टी के साँचे में जड़े हुए थे , और मुट्ठी भर औजारों को उनके आकार के क्रम में मेज पर यूँ सजा के रखा जैसे उनकी नुमाइश की जा रही हो। उसने बिना कालर वाली एक धारीदार कमीज पहन रखी थी जिसके बंद गले पर सुनहरा बटन था , और उसकी पैंट गेलिस से बँधी हुई थी। वह दुबला-पतला सींकिया इनसान था जिसकी निगाह कभी-कभार ही हालात के अनुरूप हो पाती थी , जैसा कि बहरे लोगों की निगाहों के मामले में होता है। औजारों को मेज पर ...

कहानी - सफ़ेद बर्फ़ पर लाल खून की धार / गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़

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कहानी - सफ़ेद बर्फ़ पर लाल खून की धार गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ अनुवादक - डॉ. विजय शर्मा ,  ईमेल :   vijshain@gmail.com https://www.jankipul.com से साभार  जब रात घिरने पर वे सीमा पर पहुँचे नेना डकॉन्ट को तब पता चला कि उसकी शादी की अँगूठी वाली अँगुली से अभी भी खून रिस रहा था। अपने पैरों को कठिनाई से पिरेनीज (यूरोप के दक्षिणी पहाड़) की प्रचंड हवा के झोंकों में टिकाए , खुरदुरे ऊन के कम्बल में लिपटे , पेटेंट-चमड़े के तोकोने हैट से ढ़ँके सिविल गार्ड ने कारबाइड की लालटेन की रोशनी में उनके पासपोर्ट की जाँच की। हालाँकि दोनों डिप्लोमेटिक पासपोर्ट पूरी तरह चाक-चौबंद थे फ़िर भी गार्ड ने लालटेन उठा कर पासपोर्ट के फ़ोटोग्राफ़ से चेहरों का मिलान कर पक्का किया। नेना डकॉन्ट करीब-करीब बच्ची थी , एक चहकती हुई चिड़िया की आँखों वाली , कैरीबियन सूर्य वाली शीरे जैसी उसकी त्वचा जनवरी की उदास धुंध में भी चमक रही थी। वह ठुड्डी तक मिंक कोट में लिपटी थी , कोट जो समस्त सीमा रक्षकों के साल भार के वेतन से भी नहीं खरीदा जा सकता था। कार चला रहा उसका पति बिली सेंचेज डे अविला उससे एक वर्ष छोटा और उत...