वियतनामी क्रान्ति के नेता हो ची मिन्ह की कुछ कविताएँ
वियतनामी क्रान्ति के नेता हो ची मिन्ह के जन्म दिवस ( 19 मई) के अवसर पर उनकी कुछ कविताएँ परिचय - सत्यम वर्मा हो ची मिन्ह की गणना बीसवीं शताब्दी के शीर्षस्थ क्रान्तिकारियों , कम्युनिस्ट नेताओं और राष्ट्रीय मुक्ति-युद्धों के रणनीति-विशारदों में की जाती है। वे एक ऐसी क्रान्ति के नायक और नेता थे , जिसने फ्रांसीसी उपनिवेशवादियों को धूल चटाने के साथ ही जापानी फ़ासिस्ट आक्रमणकारियों का भी दुर्द्धर्ष प्रतिरोध किया था और दुर्जेय समझी जाने वाली अमेरिकी साम्राज्यवादी सेना की भी नाक मिट्टी में रगड़ दी थी। लेकिन वह एक दुर्द्धर्ष मुक्ति-योद्धा होने के साथ ही , शब्दों के वास्तविक अर्थों में , जनता के आदमी थे। उनके व्यक्तित्व की सादगी , पारदर्शिता और निश्छलता के उनके दुश्मन भी कायल थे। उनके व्यक्तित्व के यही गुण इन कविताओं में भी देखने को मिलते हैं। यह सादगी और पारदर्शिता ही इन कविताओं की शक्ति है। हम अनुमान लगा सकते हैं कि अपने मूल क्लासिकी छन्द रूपों में ये कविताएँ और भी अधिक नैसर्गिक और प्रभावी होंगी। आज माओ त्से-तुङ के देश की ही तरह हो ची मिन्ह के देश में भी समाजवाद पराजित हो चुका है। '...