कविता - तो आप लेखक बनना चाहते हैं / चार्ल्स बुकोवस्की Poem - So you want to be a writer? / Charles Bukowski
तो आप लेखक बनना चाहते हैं चार्ल्स बुकोवस्की (अनुवाद - वरुण ग्रोवर) मत लिखो — अगर फूट के ना निकले बिना किसी वजह के मत लिखो। अगर बिना पूछे-बताए ना बरस पड़े , तुम्हारे दिल और दिमाग़ और जुबाँ और पेट से मत लिखो। अगर घण्टों बैठना पड़े अपने कम्प्यूटर को ताकते या टाइपराइटर पर बोझ बने हुए खोजते कमीने शब्दों को मत लिखो। अगर पैसे के लिए या शोहरत के लिए लिख रहे हो मत लिखो। अगर लिख रहे हो कि ये रास्ता है किसी औरत को बिस्तर तक लाने का तो मत लिखो। अगर बैठ के तुम्हें बार-बार करने पड़ते हैं सुधार जाने दो। अगर लिखने की बात सोचते ही होने लगता है तनाव छोड़ दो। अगर किसी और की तरह लिखने की फ़िराक़ में हो तो भूल ही जाओ अगर वक़्त लगता है कि चिंघाड़े तुम्हारी अपनी आवाज़ तो उसे वक़्त दो पर ना चिंघाड़े ग़र फिर भी तो सामान बाँध लो। अगर पहले पढ़ के सुनाना पड़ता है अपनी बीवी या प्रेमिका या प्रेमी या माँ-बाप या अजनबी आलोचक को तो तुम कच्चे हो अभी। अनगिनत लेखकों से मत बनो उन हज़ारों की तरह ...