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मानवीय जीवन की सार्थकता के बाबत कुछ उद्धरण व कविताएं Some quotes and poems about the purpose of human life

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  मानवीय जीवन की सार्थकता के बाबत कुछ उद्धरण व कविताएं Some quotes and poems about the purpose of human life   आदमी की सबसे प्यारी चीज़ होती है उसकी ज़िन्दगी। उसे जीने के लिए बस एक ही ज़िन्दगी मिलती है, और उसे अपनी ज़िन्दगी को इस तरह जीना चाहिए ताकि उसे कभी इस पछतावे की आग में न जलना पड़े कि उसने अपने साल यूँ ही बर्बाद कर दिये, ताकि उसे एक क्षुद्र और तुच्छ अतीत को लेकर शर्मिन्दा न होना पड़े; उसे इस तरह जीना चाहिए ताकि जब वह मृत्युशैया पर हो, तो वह कह सके – मैंने अपनी सारी ज़िन्दगी, अपनी सारी ताक़त दुनिया के सबसे महान लक्ष्य के लिए, इन्सानियत की मुक्ति के लक्ष्य के लिए लगायी है। और इन्सान को अपनी ज़िन्दगी के एक-एक पल का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि कौन जाने कब अचानक कोई बीमारी या दुर्घटना उसके जीवन की डोर को बीच में ही काट दे। निकोलाई आस्त्रोवस्की Man's dearest possession is life. It is given to him but once, and he must live it so as to feel no torturing regrets for wasted years, never know the burning shame of a mean and petty past; so live that, dying, he might say: all my life, all...

शहीदों और शहादत के बारे में कुछ उद्धरण व कविताएं

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शहीदों और शहादत के बारे में कुछ उद्धरण व कविताएं ➖➖➖➖➖➖➖➖ शहीद भगतसिंह की जेल नोटबुक से कविता - स्वतन्त्रता वे मृत शरीर नवयुवकों के, वे शहीद जो झूल गये फाँसी के फन्दे से – वे दिल जो छलनी हो गये भूरे सीसे से, सर्द और निष्पन्द जो वे लगते हैं, जीवित हैं और कहीं अबाधित ओज के साथ। वे जीवित हैं अन्य युवा-जन में, ओ राजाओ। वे जीवित हैं अन्य बन्धु-जन में, फिर से तुम्हें चुनौती देने को तैयार। वे पवित्र हो गये मृत्यु से – शिक्षित और समुन्नत। ➖➖➖➖➖➖➖➖ शहीद भगतसिंह की जेल नोटबुक से कविता - मरे जो सर्वश्रेष्ठ वीर: मारे गये हैं सर्वश्रेष्ठ वीर। दफ़ना दिये गये वे चुपचाप, एक निर्जन भूमि में, कोई आँसू नहीं बहे उन पर अजनबी हाथों ने उन्हें पहुँचा दिया क़ब्र में, कोई सलीब नहीं, कोई घेरा नहीं, कोई समाधि-लेख नहीं जो बता सके उनके गौरवशाली नाम। घास उग रही है उन पर, एक दुर्बल पत्ती झुकी हुई, जानती है इस रहस्य को, बस एकमात्र साक्षी थीं उफनती लहरें, जो प्रचण्ड आघात करती हैं तट पर, लेकिन वे प्रचण्ड लहरें भी नहीं ले जा सकतीं अलविदा के सन्देश उनके सुदूर घर ...

कानूनी दमन, जुल्‍म के विरुद्ध कुछ उद्धरण और कविताएं

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कानूनी दमन, जुल्‍म के विरुद्ध कुछ उद्धरण और कविताएं ✍भगत सिंह, अवतार सिंह पाश, बर्तोल्त ब्रेख्त _________________________ भगत सिंह ने कहा था क़ानून की पवित्रता तभी तक रखी जा सकती है जब तक वह जनता के दिल यानी भावनाओं को प्रकट करता है। जब यह शोषणकारी समूह के हाथों में एक पुर्ज़ा बन जाता है तब अपनी पवित्रता और महत्त्व खो बैठता है। न्याय प्रदान करने के लिए मूल बात यह है कि हर तरह के लाभ या हित का ख़ात्मा होना चाहिए। ज्यों ही क़ानून सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा करना बन्द कर देता है त्यों ही ज़ुल्म और अन्याय को बढ़ाने का हथियार बन जाता है। ऐसे क़ानूनों को जारी रखना सामूहिक हितों पर विशेष हितों की दम्भपूर्ण ज़बरदस्ती के सिवाय कुछ नहीं है। _________________________ हम मानते हैं कि स्वतन्त्रता प्रत्येक मनुष्य का अमिट अधिकार है। हर मनुष्य को अपने श्रम का फल पाने जैसा सभी प्रकार का अधिकार है और प्रत्येक राष्ट्र अपने मूलभूत प्राकृतिक संसाधनों का पूर्ण स्वामी है। अगर कोई सरकार जनता को उसके इन मूलभूत अधिकारों से वंचित रखती है तो जनता का केवल यह अधिकार ही नहीं बल्कि आवश्यक क...

देश की आज़ादी के मायने - क्रान्तिकारियों और कवियों-शायरों की नजर में

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देश   की   आज़ादी   के   मायने - क्रान्तिकारियों और कवियों-शायरों की नजर में  जालिम अंग्रेजों को मार भगाने वाले अनगिनत सेनानियों को क्रांतिकारी सलाम। भगतसिंह, राजगुरू, सुखदेव, आजाद, बटुकेश्‍वर, बिस्मिल, अशफाक, ने जो सपना देखा था, वो आज भी अधुरा है। 1947 में आजादी तो मिली पर आधी-अधुरी। भगतसिंह ने उस समय ही चेतावनी दी थी कि भारतीय पूँजीपति वर्ग की प्रतिनिधि कांग्रेस के रास्‍ते मिलने वाली आजादी में बस यही होगा कि गोरे अंग्रेजों की जगह भूरे अंग्रेज आकर हमारी छाती पर काबिज हो जायेंगे। आजादी के इतने साल भी देश में व्‍याप्‍त गरीबी, बेरोजगारी, बदतर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधायें, ऊपर की एक प्रतिशत अमीरजादों के पास देश की भारी सम्‍पदा का जमा होना, ये सब गवाही दे रहे हैं कि उस नौजवान की चेतावनी कितनी सही थी। आयें, उस जैसे अनगिनत शहीदों के सपनों को जानें और पूरा करने का संकल्‍प लें। शहीदों को सच्‍ची श्रद्धांजलि उनकी फोटो पर माला चढ़ाकर नहीं बल्कि उनके सपनों को पूरा कर ही दी जा सकती है। आज इस मौके पर हम आपके बीच क्रान्तिकारी शहीदों और आजाद भारत के कवियों-शायरों की ...