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लें कुछ बेहतरीन पुस्‍तकें पढ़ने का संकल्‍प क्‍योंकि

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लें कुछ बेहतरीन पुस् ‍ तकें पढ़ने का संकल् ‍ प क् ‍ योंकि “ पुस्तक एक पीढ़ी की अपने बाद आने वाली पीढ़ी के लिए आत्मिक वसीयत होती है , मृत्यु के कगार पर खड़े वृद्ध की जीवन में पहले डग भर रहे नवयुवक के लिए सलाह होती है , ड्यूटी पूरी करके जा रहे सन्तरी का ड्यटी पर आ रहे सन्तरी को आदेश होती है… पुस्तक भविष्य का कार्यक्रम होती है। ” 🖌 अलेक्सान्द्र हर्ज़ेन “पुस्तक भी जीवन और मानव के समान ही है।   वह भी एक सजीव तथा बोलता तथ्य है , और वह उन सब वस्तुओं की तुलना में जिसकी सृष्टि मनुष्य ने की है , या कर रहा है , सब से कम “वस्तु” है।” 🖌 मक्सिम गोर्की , पेज – 37, पुस्तक “सृजन प्रक्रिया और शिल्प के बारे में” से “जो किताबें आपको सोचने के लिए जितना ही ज़्यादा मजबूर करती हैं वे आपके लिए उतनी ही ज़्यादा मददगार साबित होती हैं । सीखने का सबसे मुश्किल तरीका होता है , आरामतलबी से पढ़ना ; परन्तु किसी महान चिन्तक की एक महान किताब विचारों के एक ऐसे जहाज की तरह होती है जो सच्चाई और ख़ूबसूरती से ठसाठस लदा होता है।” 🖌 पाब् ‍ लो नेरूदा “किताबें करती हैं बातें बीते ज़माने की , दुनिया...

कहानी - पक्षी और दीमक / गजानन माधव मुक्तिबोध

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कहानी - पक्षी और दीमक / गजानन माधव मुक्तिबोध बाहर चिलचिलाती हुई दोपहर है लेकिन इस कमरे में ठंडा मद्धिम उजाला है। यह उजाला इस बंद खिड़की की दरारों से आता है। यह एक चौड़ी मुँडेरवाली बड़ी खिड़की है, जिसके बाहर की तरफ, दीवार से लग कर, काँटेदार बेंत की हरी-घनी झाड़ियाँ हैं। इनके ऊपर एक जंगली बेल चढ़ कर फैल गई है और उसने आसमानी रंग के गिलास जैसे अपने फूल प्रदर्शित कर रखे हैं। दूर से देखनेवालों को लगेगा कि वे उस बेल के फूल नहीं, वरन बेंत की झाड़ियों के अपने फूल हैं। किंतु इससे भी आश् ‍ चर्यजनक बात यह है कि उस लता ने अपनी घुमावदार चाल से न केवल बेंत की डालों को, उनके काँटों से बचते हुए, जकड़ रखा है, वरन उसके कंटक-रोमोंवाले पत् ‍ तों के एक-एक हरे फीते को समेट कर, कस कर, उनकी एक रस् ‍ सी-सी बना डाली है; और उस पूरी झाड़ी पर अपने फूल बिखराते-छिटकाते हुए, उन सौंदर्य-प्रतीकों को सूरज और चाँद के सामने कर दिया है। लेकिन, इस खिड़की को मुझे अकसर बंद रखना पड़ता है। छत् ‍ तीसगढ़ के इस इलाके में, मौसम-बेमौसम आँधीनुमा हवाएँ चलती हैं। उन् ‍ होंने मेरी खिड़की के बंद पल् ‍ लों को ढीला कर ड...