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मानवीय जीवन की सार्थकता के बाबत कुछ उद्धरण व कविताएं Some quotes and poems about the purpose of human life

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  मानवीय जीवन की सार्थकता के बाबत कुछ उद्धरण व कविताएं Some quotes and poems about the purpose of human life   आदमी की सबसे प्यारी चीज़ होती है उसकी ज़िन्दगी। उसे जीने के लिए बस एक ही ज़िन्दगी मिलती है, और उसे अपनी ज़िन्दगी को इस तरह जीना चाहिए ताकि उसे कभी इस पछतावे की आग में न जलना पड़े कि उसने अपने साल यूँ ही बर्बाद कर दिये, ताकि उसे एक क्षुद्र और तुच्छ अतीत को लेकर शर्मिन्दा न होना पड़े; उसे इस तरह जीना चाहिए ताकि जब वह मृत्युशैया पर हो, तो वह कह सके – मैंने अपनी सारी ज़िन्दगी, अपनी सारी ताक़त दुनिया के सबसे महान लक्ष्य के लिए, इन्सानियत की मुक्ति के लक्ष्य के लिए लगायी है। और इन्सान को अपनी ज़िन्दगी के एक-एक पल का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि कौन जाने कब अचानक कोई बीमारी या दुर्घटना उसके जीवन की डोर को बीच में ही काट दे। निकोलाई आस्त्रोवस्की Man's dearest possession is life. It is given to him but once, and he must live it so as to feel no torturing regrets for wasted years, never know the burning shame of a mean and petty past; so live that, dying, he might say: all my life, all...

जैक लण्‍डन के उपन्‍यास 'आयरन हील' की पीडीएफ PDF file of Jack London's Novel 'The Iron Heel'

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जैक लण्‍डन के उपन्‍यास 'आयरन हील' की पीडीएफ PDF file of Jack London's Novel 'The Iron Heel' हिन्‍दी पीडीएफ फाइल डाउनलोड लिंक   Link for English PDF file डाउनलोड करने में कोई समस्‍या आये तो 9892808704 पर व्‍हाटसएप्‍प संदेश भेजें जैक लण्‍डन , उसका समय और उसका कृतित्‍व (सत्‍यम और कात्‍यायनी द्वारा लिखित विस्‍तृत लेख के कुछ हिस्‍से) वेगवान उद्दीप्त उल्का-सा वह जीवन! ' धूल की जगह राख होना चाहूँगा मैं! मैं चाहूँगा कि एक दैदीप्यमान ज्वाला बन जाये भड़ककर मेरी चिनगारी बजाय इसके कि सड़े काठ में उसका दम घुट जाये। एक ऊँघते हुए स्थायी ग्रह के बजाय मैं होना चाहूँगा एक शानदार उल्का मेरा प्रत्येक अणु उद्दीप्त हो भव्यता के साथ। मनुष्य का सही काम है जीना , न कि सिर्फ जीवित रहना। अपने दिन मैं बर्बाद नहीं करूँगा उन्हें लम्बा बनाने की कोशिश में। मैं अपने समय का इस्तेमाल करूँगा। ' जैक लण्‍डन की की ये ओजपूर्ण पंक्तियां उसके जीवन और जीवन-दृष्टि का घोषणा-पत्र हैं। विश्व-साहित्य में यथार्थवादी परम्परा पर कोई भी चर्चा जैक लण्डन के विशेषकर दो उपन्यासों - मार्टिन ...

कहानी - वह चिनागो / जैक लंडन Story - The Chinago / Jack London

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कहानी -  वह चिनागो जैक लंडन,  अनुवाद -  सुशांत सुप्रिय For English version please scroll down  " प्रवाल विकसित होता है , ताड़ बढ़ता है , लेकिन मनुष्य प्रयाण कर जाता है। " - ताहिती की कहावत। अह चो फ्रांसीसी नहीं समझता था। वह बेहद थका-माँदा और उकताया हुआ , अदालत के भरे हुए कमरे में लगातार विस्फोटक फ्रांसीसी सुनते हुए बैठा था , जिसे कभी एक अधिकारी और कभी दूसरा बोलता था। अह चो के लिए यह केवल बहुत ज्यादा बड़बड़ाहट थी , और वह फ्रांसीसी लोगों की मूर्खता पर आश्चर्यचकित था जो चुंग गा के हत्यारे का पता लगाने में इतनी देरी कर रहे थे , और जिन्होंने उसका पता बिल्कुल नहीं लगाया। बागान के पाँच सौ कुली जानते थे कि अह सेन ने यह हत्या की थी और यहाँ यह हाल था कि अह सेन को गिरफ्तार तक नहीं किया गया था। यह सच था कि सभी कुलियों ने एक दूसरे के विरुद्ध गवाही नहीं देने की बात गुप्त रूप से मान ली थी , पर फिर भी यह पता लगाना बेहद आसान था और फ्रांसीसी लोगों को यह खोज निकालने में समर्थ होना चाहिए था कि अह सेन ही वह व्यक्ति था। ये बेहद मूर्ख थे , ये फ्रांसीसी। अह चो ने ऐसा कुछ नहीं किया थ...