कविता - आधुनिक काल / बॉबी सैन्डस Poem - Modern Times / Bobby Sands
कविता - आधुनिक काल
बॉबी सैन्डस
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आयरलैण्ड
की मुक्ति के लिए संघर्ष करने वाले युवा क्रान्तिकारी बॉबी सैन्डस को ब्रिटिश
साम्राज्यवादियों ने बेलफॉस्ट जेल में कैद कर रखा था जहाँ वह भारतीय क्रान्तिकारी
यतीन्द्रनाथ दास के ही समान राजनीतिक बन्दी का
दर्जा देने की माँग को लेकर अनशन करते हुए 5 मई 1981 को शहीद हो
गये। उनके 9 अन्य साथी अगले तीन महीनों में शहीद हो गये थे।
बॉबी सैन्डस की यह कविता वर्तमान पूँजीवादी सभ्यता की चकाचौंध के पीछे के
उत्पीड़न, अपराध और रक्त से सराबोर अंधेरे की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करती है।
कहा
जाता है
हम
रहते हैं आधुनिक काल में
उन्यासी
के सुसभ्य साल में
पर
नजरें दौड़ाता हूँ जब मैं अपने चारों ओर
देख
पाता हूँ सिर्फ आधुनिक यातना, दर्द और ढोंग।
छोटे
बच्चे मरते हैं आधुनिक काल में।
मरते
हैं वे भूखों तड़प-तड़पकर,
कौन
यह पूछने की हिम्मत करता है, “आखिर क्यों ॽ”
नापाम
बमों से आहत भागती हैं निर्वस्त्र नन्हीं लड़कियाँ
अपनी
चीखों से भेदती हुई रात की हवाओं को
और
जब मोटे थुलथुल तानाशाह
आसीन
होते हैं अपने सिंहासनों पर
नन्हें
बच्चें दफ्न करते होते हैं
अपने
माँ-बापों की अस्थियाँ।
निस्तब्ध
रात्रि में खुफिया पुलिस नजरों से
ओझल
कर देती है नंगी औरतों को
हमेशा-हमेशा
के लिए बिजली के झटके दे-देकर।
गटर
में मरा पड़ा होता है काला आदमी।
जहाँ
बहती है तेल की सबसे अधिक काली धार
गली
लाल हो उठती है
और
यहीं वह रहता है
जो
पैदा हुआ, आया रहने के लिए
इस
दुनिया-जहान में
लेकिन
जिया और मरा आज़ादी के बिना।
नौकरशाह,
सट्टेबाज
और राजाध्यक्ष
सभी
टाँक देते हैं अपनी गन्दी, दुर्गन्धित प्रसन्न हंसी
आज
की रात के सीने पर।
अपनी
कब्र से चीखेगा एक अकेला कैदी
और
आने वाले कल का अभागा
अपनी
माँ के गर्भ से बाहर आ जायेगा।
Poem - Modern Times
Bobby Sands
It is said we live in modern times
In the civilized year of seventy-nine
But when I look around, all I see
Is modern torture, pain and hypocrisy.
In modern times little children die
They starve to death, but who dares ask why?
And little girls without attire
Run screaming, napalmed through the night air.
And while fat dictators sit upon their thrones
Young children bury their parents’ bones
And secret police in the dead of night
Electrocute the naked woman out of sight.
In the gutter lies black man, dead
And where the oil flows blackest, the street runs red.
And there was he who was born and came to be
But lived and died without liberty.
As the bureaucrats, speculators and presidents alike
Pin on their dirty, stinking, happy smiles tonight
The lonely prisoner will cry out from within his tomb
And tomorrow’s wretch will leave its mother’s womb.
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